नई दिल्ली, सितम्बर 20 -- कुछ लोगों को करियर में सफलता जल्दी मिल जाती है, जबकि कुछ को अपनी मंजिल तक पहुंचने में कई साल और कई असफलताओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, हो तो आपको मंजिल पाने से कोई नहीं रोक सकता है। मयंक सचान की कहानी भी ऐसे ही संघर्ष और लगातार प्रयास की मिसाल है। कानपुर के एक साधारण परिवार से आने वाले मयंक ने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। उन्होंने 15 से ज्यादा सरकारी परीक्षाओं में असफलता का सामना किया। इतना ही नहीं 2 बार SSB रिजेक्शन और 2 बार CAPF में फेल भी हुए, लेकिन मयंक नहीं रुके और ना ही उन्होंने हार मानी। आखरिकार, तीसरे प्रयास में उन्होंने UPSC CAPF 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 343 हासिल कर एक मिसाल कायम कर दी। चलिए आज हम मयंक सचान की कहानी जानते हैं।कौन हैं मयंक सचान मयंक सचान कानपु...