नई दिल्ली, अगस्त 26 -- देश के कुछ हिस्सों में हुए छात्र प्रदर्शनों में सरकारी स्कूल संबंधी जरूरी सुविधाओं की मांग जोर-शोर से सुनी गई है। इसका नतीजा है कि अनेक राज्यों में स्कूल सुधार के कार्यों में तेजी आती दिख रही है। बीते वर्षों में बड़ी संख्या में निजी स्कूल खुले हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों का संरक्षण आज भी बहुत जरूरी है। आंकड़े बताते हैं, साल 2018-19 और 2025-26 के बीच लगभग 84,000 सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल बंद हुए हैं। इन वर्षों में सरकारी स्कूलों में नामांकन में 1.5 करोड़ बच्चों की गिरावट आई है। संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए कम नामांकन वाले स्कूलों के परस्पर विलय से भी उनकी संख्या कम हुई है। वैसे, देश में घटती जन्म दर ने भी कम दाखिले में भूमिका निभाई होगी, लेकिन कई अन्य महत्वपूर्ण कारक भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। हम जान...