नई दिल्ली, अप्रैल 10 -- नई दिल्ली। राजधानी के सरकारी स्कूलों को 20 अप्रैल तक पाठ्यपुस्तकें मिल जाएंगी। छात्रों को किताबों के वितरण में हो रहे विलंब के बीच शुक्रवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसकी घोषणा की। शिक्षा विभाग ने छपाई के लिए अपनाई गई निविदा प्रक्रिया के कारण किताबों की सप्लाई में देरी को वजह बताया है। दावा है कि इससे लागत में 20 से 30 फीसदी की कमी आती है। साथ ही, संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो पाता है। शिक्षा विभाग ने कहा कि पाठ्यपुस्तकें बेहतर गुणवत्ता में छापी जा रही हैं। इस बीच शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को निर्देश दिया कि वे छात्रों या अभिभावकों को किताबें, लिखने का सामान या यूनिफॉर्म किसी खास विक्रेता से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और वकील अशोक अग्रवाल ने भी सरकारी स्कूलों में पाठ्य पुस्तको...
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