छपरा, अप्रैल 12 -- छपरा। सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के शिक्षक नेता समरेंद्र बहादुर सिंह ने सरकारी सेवकों पर लागू की गई नई नियमावली को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि यह नियमावली सरकारी कर्मचारियों के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का हनन करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संगठन ब्रिटिश शासनकाल से अस्तित्व में हैं और संगठन के माध्यम से शिक्षक अपनी समस्याएं, सुझाव और विचार सरकार तक पहुंचाते रहे हैं। संगठन लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। यदि शिक्षकों को अपनी बात कहने से रोका जाएगा, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं पर सीधा आघात होगा। समरेंद्र सिंह ने कहा कि जनगणना, मतगणना और चुनाव जैसे सरकार के महत्वपूर्ण कार्यों में शिक्षकों की प्रमुख भूमिका रहती है। ऐसे में उन्हीं कर्मचारियों की आवाज को सीमित करना अनुचित है। उन्होंने...
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