हल्द्वानी, मार्च 24 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी दूर करने की सरकारी कोशिशें एक बार फिर धक्का लगा हैं। आलम यह है कि विशेषज्ञ डॉक्टर अब न केवल दुर्गम पहाड़ों, बल्कि सुगम माने जाने वाले मैदानी इलाकों में भी सरकारी नौकरी करने से कतरा रहे हैं। चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसरों की हालिया नियुक्तियों के आंकड़े परेशान करने वाले हैं। इधर ईएनटी विभाग के एचओडी, वरिष्ठ न्यूरो सर्जन एसटीएच को छोड़ने का नोटिस दे चुके है। नियुक्ति पत्र हाथ में, पर ज्वाइनिंग से दूरीदिसंबर में राज्य सरकार ने 142 असिस्टेंट प्रोफेसर को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनक डाक्टरों को राज्य के विभिन्न मेडिकल कालेज में जरूरत के मुताबिक तैनाती दी गई। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज 28 डॉक्टर ज्वाइँन के लिए भेजे गए लेकिन इनमें स...