रामपुर, अप्रैल 20 -- रामपुर। सिविल लाइंस क्षेत्र में करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जाने के आरोप में पुलिस ने तत्कालीन डीएम के आदेश पर दर्ज हुए केस की विवेचना ने एक बार फिर सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया। आनन-फानन में दर्ज कराए गए केस में चार मृतकों के नाम केस हो गया। जिसके बाद पुलिस ने विवेचना कर चारों मृतकों के नाम केस से हटाए हैं। पिछले साल अक्तूबर माह में नगर पालिका के संपत्ति लिपिक ने पुलिस को शिकायती पत्र देते हुए कहा कि शादीनगर निकट अहमदनगर में बरेली-रामपुर रोड़ पर सरकारी भूमि है। जिस पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। यह भी पढ़ें- किसान को पता ही नहीं प्रापर्टी डीलरों ने आवासीय करा दी जमीन वहीं, कुछ भाग में व्यवसायिक गतिविधियां की गई हैं। आरोप लगाया कि भूमि खतौनी में फसली वर्ग में रामपुर पार्क के नाम से सार्वजनिक उपयोग की भूमि के र...