गुमला, अप्रैल 21 -- चैनपुर बजरंग नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय खेती को अपना कर सफलता की नई इबारत लिखने वाले चैनपुर प्रखंड के प्रमुख ओलिभा कांता कुजूर और उनके पति वाल्टर लकड़ा आज जिले के लिए मिसाल बन गए हैं। मालम गांव में लीज पर ली गई जमीन पर 35 एकड़ में फैली उनकी तरबूज की खेती इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। खेतों में लहलहा रही फसल ने न सिर्फ बंपर उत्पादन दिया है, बल्कि अब तक करीब दो सौ टन तरबूज की बिक्री भी हो चुकी है।तरबूज की गुणवत्ता इतनी बेहतर है कि व्यापारियों को मंडी तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। यह भी पढ़ें- अनियमितताओं में दो खाद लाइसेंस निलंबित किए गए झारखंड के अलावा बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से व्यापारी सीधे खेत पहुंच कर माल खरीद रहे हैं। रोजाना दो से पांच पिकअप वाहन तरबूज लेकर विभिन्न बाजारों के लिए रवाना हो रहे हैं। खेत ...
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