लखनऊ, अप्रैल 17 -- पीडब्ल्यूडी की जमीन पर 30 साल से अवैध बस्ती बसी थी। बस्ती किसने बसा दी। इसकी जानकारी भी पुलिस और प्रशासन को नहीं है। अग्निकांड के बाद पुलिस-प्रशासन के अफसर जाते हैं। अब बस्ती बसाने वाले का पता लगाया जा रहा है। बस्ती में शराब ठेके के पीछे छह साल पहले मस्जिद भी बन गई। उसमें मदरसा चलता था। बच्चों को उर्दू की तालीम दी जाती थी। इसके अलावा एक झोपड़पट्टी में स्कूल भी चल रहा था। स्कूल में 35-40 बच्चे पढ़ाई करते थे। स्कूल सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक चलता था। बस्ती में रहने वाले बाराबंकी जनपद के फतेहपुर इलाके भगौली गांव में रहने वाले राम पाल ने बताया कि वह करीब 30 साल से यहां रह रहे हैं। यह भी पढ़ें- आग में कॉपी-किताबें, बस्ता व यूनिफार्म राख वह प्राइवेट काम करते हैं। जब यहां रहने के लिए आए तब 10-15 झुग्गियां थी। धीरे-धीरे अन...