चतरा, अप्रैल 30 -- सिमरिया, निज प्रतिनिधि। सिमरिया प्रखंड में भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उपायुक्त के आदेशानुसार संचालित पेयजल समस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान यह बात सामने आई है कि कई लोग सरकारी चापाकलों और जलमीनारों का अतिक्रमण कर उनका निजी इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन्होंने भी सरकारी जल संरचनाओं पर कब्जा किया है, वे 24 घंटे के भीतर उसे मुक्त कर दें। समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि कोई भी संरचना अतिक्रमित पाई गई, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही, अतिक्रमण हटाने में आने वाला खर्च भी उसी व्यक्ति से वसूला जाएगा।

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