लोहरदगा, अप्रैल 30 -- लोहरदगा, संवाददाता। जिले में किसानों से खरीदा गया धान सरकारी गोदामों में अब तक पड़ा हुआ है। गोदामो में पड़े धान चूहे कुतर रहे हैं। वहीं लगातार गांवों में प्रवेश करने वाले जंगली हाथियों द्वारा धान के कारण आकर्षित होने का खतरा बना हुआ है सो अलग। खरीददारी की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी लगभग 20 प्रतिशत धान अब तक गोदामों में ही पड़ा हुआ है। लैम्पस गोदामों में रखा धान सूरज की तेज तपिश में सूख रहा है, जिससे उसकी नमी कम हो रही है और लगातार वजन घट रहा है। इससे सरकारी राजस्व के नुकसान के साथ-साथ लैम्पस प्रभारियों की परेशानी भी बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, मिलर द्वारा अब तक सीएमआर नहीं दिए जाने और आपूर्ति विभाग द्वारा आरओ जारी नहीं किये जाने के कारण धान उठाव की प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। इससे लैम्पस प्रभारी सांसत में हैं और उ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.