भागलपुर, अप्रैल 17 -- भागलपुर, मुख्य संवाददाता। किसानों को अनाज का उचित मुनाफा मिले, इसके लिए सरकार ने सरकारी क्रय केंद्रों पर अनाज की खरीद की सुविधा बहाल की। बावजूद किसान बिचौलिये को औने-पौने दाम में अनाज बेचने को विवश हैं। सरकारी व्यवस्था में कहां लूप-होल है, इसका पता आज तक सरकारी तंत्र नहीं लगा पाया है। यही वजह है कि पैक्सों तक अनाज की बोरी पहुंचने से पहले बिचौलिया खेतों से ही अनाज उठाकर खुले बाजार में ऊंची कीमतों पर बेच रहे हैं। किसानों को अनाज की उचित कीमत देने के लिए न्यूनतम बाजार मूल्य (एमएसपी) सरकार तय करती है। जो किसानों के लिए कभी भी मुफीद साबित नहीं हुआ है। यह भी पढ़ें- दिघलबैंक में कोई भी सरकारी क्रय केंद्र नहीं प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स) के माध्यम से गेहूं और धान की खरीद के बाद अब मसूर की खरीद की जा रही है। लेकिन पैक्स...