धनबाद, नवम्बर 21 -- धनबाद, विशेष संवाददाता सरकारी कोयला कंपनियों (पीएसयू) को निजी क्षेत्र में संचालित कैप्टिव व कॉमर्शियल कोयला खदानों से चुनौती मिलने लगी है। आनेवाले दिनों में और कड़ी प्रतियोगिता देखने को मिलेगी। कोयला उत्पादन को लेकर अक्तूबर तक के जारी कोल स्टैटिक्स के अनुसार पब्लिक सेक्टर की कोयला कंपनियां जहां निगेटिव ग्रोथ में हैं, वहीं कैप्टिव व कॉमर्शियल खदानों ने आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर दर्ज की है। मामले पर एक्सपर्ट कहते हैं कि निजी कंपनियां कम उत्पादन लागत पर कोयला उत्पादन करती हैं। वहीं पीएसयू की उत्पादन लागत अधिक है। कैप्टिव-कॉमर्शियल को चालू वित्त वर्ष में 203.39 मिलियन टन का लक्ष्य मिला है। अक्तूबर तक लक्ष्य के 50 प्रतिशत से अधिक 108.44 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने में सफल हुई हैं। वहीं कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों ...
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