ललितपुर, जून 23 -- ललितपुर। लखनऊ में अग्निकांड के दौरान पंद्रह छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत ने हर व्यक्ति को हिलाकर रख दिया है। बीते माहों में ललितपुर जनपद में भी आग लगने की तीन बड़ी घटनाओं के दौरान जनहानि तो नहीं हुईं लेकिन कारोबारियों को करोड़ों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जनपद के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बहुत कम ऐसे भवन हैं जिनमें आग से निपटने के मुकम्मल इंतजाम हों। यहां तक कि सरकारी भवन भी अग्निकांड की दृष्टिकोण से सुरक्षित नहीं हैं। जनपद न्यायालय भवन, मेडिकल कालेज, नयी तहसील, केंद्रीय विद्यालय आदि को छोड़ दिया जाए तो शेष विभागों के कार्यालय अग्निशमन विभाग के मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं। यह भी पढ़ें- तंग रास्तों में कोचिंग, निकास का अभावउस पर अपर्याप्त फायर फाइटिंग व्यवस्था कलेक्ट्रेट, विकास भवन, नगर पालिका परिषद कार्यालय, सामु...