नई दिल्ली, अक्टूबर 19 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत सरकारी कर्मचारी/अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों की जांच के लिए पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि रिश्वत मांगने का कृत्य सरकारी कर्मचारी/अधिकारी के अधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन से जुड़ा नहीं है, जिसे कानून के तहत सुरक्षा प्राप्त है।

रिश्वत के आरोपों की जांच पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला जस्टिस एस.वी.एन.भट्टी और एन.वी. अंजारिया की पीठ ने राजस्थान पुलिस के एक सिपाही की उस अपील को खारिज करते हुए यह फैसला दिया है, जिसमें उसने अपने खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप मुकदमा चलाने के लिए अभियोग तय किए जाने को चुनौती दी थी। हाल हीं में पारित फैसले में, शीर्ष अदालत ने राजस्थान हाईकोर्ट के उ...