नई दिल्ली, मई 20 -- Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के पास पुराने सेवा नियमों के तहत पदोन्नति मांगने का कोई निहित अधिकार नहीं होता। शीर्ष अदालत ने कहा कि सरकार किसी भी चरण में नए सेवा नियम लाकर चयन और पदोन्नति के तरीके और प्रक्रिया में बदलाव करने में सक्षम है, बशर्ते कि वे मनमाने न हों। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ओडिशा सरकार की अपील स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी के पास न तो पदोन्नति पाने का कोई निहित अधिकार होता और न ही उसे पदोन्नति की कोई वैध अपेक्षा होती है। पीठ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी के सिर्फ अपनी उम्मीदवारी पर विचार किए जाने का एकमात्र सीमित अधिकार होता है। हालांकि, पीठ ने कहा कि यदि सरकार, जो कि नियुक...