बलिया, मार्च 3 -- बलिया, संवाददाता। जिला अस्पताल मरीजों को मूलभूत इलाज मुहैया कराने में भी विफल साबित हो रहा है। आलम यह है कि यहां एक भी ईएनटी विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में नाक, कान और गला के रोग से पीड़ित मरीज सरकारी इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं। जिला अस्पताल में विशेषज्ञ के अभाव से मरीजों को या तो जिला अस्पताल में वैकल्पिक डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ रहा है, या फिर निजी डॉक्टर से उपचार कराना पड़ा है। उसमें उनका आर्थिक शोषण होता है। यही नहीं, मेडीकोलीगल जांच कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसके लिए मरीजों को 150 किमी की दौड़ लगानी पड़ रही है। जनपद की लगभग 40 लाख की आबादी पर ईएनटी का एक भी सर्जन या डॉक्टर उपलब्ध नहीं होना स्वास्थ्य विभाग के इंतजामों की सच्चाई उजागर कर रहा है। नाक, कान और गले की समस्या से पीड़ित मरीजों के सामने सरकारी इलाज की ब...