सीवान, जुलाई 13 -- हुसैनगंज, निज संवाददाता। स्थानीय सरकारी इमामबाड़ा में 22 मोहर्रम (1448 हिजरी) के अवसर पर शनिवार की रात शब-ए-दारी व मजलिस का आयोजन किया गया। इस दौरान हज़रत गाज़ी अब्बास अलमदार (अ.स.) का शबीह-ए-अलम बरामद किया गया, जिसकी अज़ादारों ने अकीदत के साथ ज़ियारत की। कार्यक्रम की शुरुआत कमील अज़ीमी एवं अकील हसन की शोज़ख़्वानी तथा अली वज़ीर औन की पेशख़्वानी से हुई। इसके बाद जौनपुर से आए मौलाना फ़ज़ले मोमताज़ ख़ान ने मजलिस को ख़िताब करते हुए वाक़िआ-ए-कर्बला के त्याग, इंसानियत और सत्य के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। मजलिस के उपरांत शबीह-ए-अलम की ज़ियारत कराई गई। इसके बाद अंजुमन फ़िरदौसिया (गोपालपुर), अंजुमन हुसैनिया (ख़ुजवां) एवं अंजुमन असग़रिया (हुसैनगंज) के सदस्यों ने मातम व पुर्सा पेश किया। यह भी पढ़ें- इमाम जैनुल आबेदीन का शबी...