लखनऊ, जून 29 -- प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। राजकीय नर्सेस संघ के महामंत्री अशोक कुमार के अनुसार, इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) के 6 बेड पर 1 नर्स के मानक के विपरीत, एक नर्स को 40 बेड संभालने पड़ रहे हैं। सोमवार को बलरामपुर अस्पताल स्थित संघ कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कि अस्पतालों में जरूरत के 45 हजार पदों के मुकाबले केवल 17 हजार नर्सें कार्यरत हैं, जिनमें से साढ़े 14 हजार संविदा व एनएचएम के कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, नर्सिंग अधिकारियों के 11 हजार पदों में से 6 हजार पद खाली पड़े हैं और वर्ष 2010 से वरिष्ठ पद रिक्त हैं। उपमुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी मांगें पूरी न होने पर संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

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