उन्नाव, नवम्बर 9 -- उन्नाव। शासन के नए निर्देश ने चिकित्सकों को धर्मसंकट में डाल दिया है। जहां एक ओर डॉक्टरों को बाहर की दवाएं लिखने को मना किया गया है, वहीं दूसरी ओर स्टोर में कई जीवनरक्षक दवाओं की कमी है। ऐसे में कई बार डॉक्टरों द्वारा लिखी गईं दवाएं औषधि कक्ष में नहीं मिल पाती हैं। इससे मरीज निजी मेडिकल स्टोरों पर महंगे दाम की दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। उमाशंकर दीक्षित संयुक्त चिकित्सालय (जिला अस्पताल) की फार्मेसी में 290 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होने का दावा किया जाता है। डॉक्टर के लिखने पर मरीजों को यह दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। हालांकि, यह दावा धरातल पर नजर नहीं आता है। पर्याप्त आपूर्ति न होने से फार्मेसी दवाओं की किल्लत से जूझ रहा है। इन दिनों यहां सिर्फ 230 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। इनमें भी कई ऐसी दवाएं हैं लगभग ...
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