आजमगढ़, जून 26 -- आजमगढ़, संवाददाता। पीएम किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों को पेंशनरों की तर्ज पर हर साल बायोमैट्रिक सत्यापन कराना होगा। इसके बाद ही उन्हें सम्मान निधि मिलेगी। जनपद में कुल 6.37 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि मिलती है। जिले में करीब नौ लाख पंजीकृत किसान हैं। इनमें पात्र और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने वाले 6.37 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि दी जाती है। पीएम किसान सम्मान निधि के लिए अब नियमों में बदलाव किया गया है। किसानों के लिए साल में एक बार बायोमैट्रिक सत्यापन आवश्यक कर दिया गया है। सत्यापन न होने किसान पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित हो जाएंगे। निधि का लाभ उठा रहे किसानों को कोई अलग से जीवित प्रमाणपत्र नहीं देना होगा। सरकार ने सत्यापन के लिए वार्षिक ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी है...