फर्रुखाबाद कन्नौज, अगस्त 19 -- शमसाबाद, संवाददाता।तराई क्षेत्र में बाढ़ की विनाशलीला से पीड़ितों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है। पीड़ित गंगा की तरफ टकटकी निगाह लगाकर निहार रहे हैं कि कहीं उनका मकान भी गंगा के आगोश में न समा जाये। समेचीपुर में गंगा का कटान तेज होने से दो और मकान गंगा में समा गये। वहीं कटरी तौफीक में गंगा के कहर से 10 दिन में 26 आशियाने उजड़ गये हैं। समेचीपुर चितार गंगा के मुहाने पर बसा है। दो दिन पहले कटान की चपेट में आकर तरना और खान मोहम्मद के मकान गंगा में समा गये। घर उजड़ने के बाद दोनों परिवारों ने गांव के पास खेत में झोपड़ी डाल दी है। कटान अन्य ग्रामीणों के घरों की ओर भी बढ़ रहा है। कुछ मकान ऐसे हैं जो गंगा से सिर्फ पांच मीटर की दूरी पर हैं। खतरे को देखते हुये चांदबाबू, शकील, अतीश, शाहरुख, सलाउद्दीन, पप्पू, नसरूददीन, हुस्न मोहम्...