गोंडा, अगस्त 4 -- गोण्डा, संवाददাদক। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी समूह सखियों का मानदेय भुगतान एक बार फिर विवादों में है। समूह सखियों का आरोप है कि 36 माह की अवधि में अब तक केवल नौ माह का मानदेय दिया गया है, जबकि 27 माह का भुगतान अभी भी लंबिंत है। उनका कहना है कि विभाग ने दो हजार रुपये प्रतिमाह की दर से भुगतान कर केवल औपचारिकता पूरी की, जबकि काम के अनुसार मानदेय मिलना चाहिए। समूह सखियों का कहना है कि उनसे स्वयं सहायता समूहों का गठन, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना, बैंक लिंकेज, प्रशिक्षण, सर्वे, सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार और विभिन्न विभागीय अभियानों में लगातार काम कराया जाता है। इसके बावजूद मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल रहा। जिले के सभी 16 विकास खंडों में कार्यरत सैकड़ों महिलाओं के सामने अब आर्थिक संकट गहरा...