कुशीनगर, मार्च 8 -- कुशीनगर। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही योजनाओं का असर अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगा है। जिले में समूहों से जुड़कर 23,191 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार हुआ है।सरकारी योजनाओं और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। इसका परिणाम है कि आज जिले में 19,548 महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, जिनसे 2 लाख 26 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है और उन्हें छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक समूहों को रिवॉल्विंग फंड और कम्यु...