मिर्जापुर, फरवरी 19 -- हलिया। स्थानीय बाजार स्थित गणेश मंदिर के समीप चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कृष्ण जन्मोत्सव और समुद्र मंथन प्रसंग का वर्णन किया गया। पंडित ओमप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि वासुदेव-देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान विष्णु ने कंस के अत्याचारों के अंत के लिए कारागार में अवतार लिया। समुद्र मंथन प्रसंग में 14 रत्नों की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया गया कि विषपान कर भगवान शिव नीलकंठ कहलाए। कथा आचार्य पंडित रमाकांत महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिलती है। कार्यक्रम के मुख्य यजमान लक्ष्मण दास सेठ उर्फ लल्लू सेठ रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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