समुद्र के जल से हुआ भगवान श्री कल्कि का राजतिलक
संभल, अगस्त 18 -- श्री कल्कि सेना निष्कलंक दल की ओर से आयोजित 66वें श्री कल्कि जयंती महोत्सव में प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर कोट पूर्वी में दिनभर धार्मिक आयोजनों की धूम रही। सुबह सात बजे श्रद्धालुओं को कलियुग के अवतारी भगवान श्री कल्कि के अलौकिक स्वरूप के दिव्य दर्शन हुए। मंदिर पहुंचकर भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह नौ बजे मंदिर परिसर में महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें कल्कि भक्तों ने भारतवर्ष की उन्नति और खुशहाली के लिए आहुतियां दीं। आचार्य पंडित शोभित शास्त्री ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ मानव जीवन को सफल बनाने की आधारशिला है। यज्ञ के बाद विशाल भंडारे में नगर और दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद भजन संध्या में भक्तों ने भगवान श्री कल्कि के भजनों का गुणगान कि...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.