सुहेल खान, मार्च 14 -- अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने मजबूत डिफेंस सिस्टम के लिए एसआरजीएम (सुपर रैपिड गन माउंट) तोप को सभी जंगी बेड़ों में लगाने को कहा है। एक मिनट में 120 गोले दागने वाली एसआरजीएम तोप की बैरल कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में बन रही है। अभी तक भारत की इस बैरल के लिए इटली पर निर्भरता थी। कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में बनी स्वदेशी एसआरजीएम जहाजी बेड़ों पर मंडराने वाले किसी भी दुश्मन की मिसाइल, ड्रोन और एयरक्राफ्ट को छह-सात किमी दूर हवा में ही मार गिराने में सक्षम है। इसकी अधिकतम मारक क्षमता 16 किमी है।फील्ड गन फैक्ट्री को नेवी से बड़ा ऑर्डर फील्ड गन फैक्ट्री ने एसआरजीएम की तीन 76 एमएम बैरलों को इंडियन नेवी को सौंप दिया है। दो बैरलें भी तैयार हैं, जिन्हें अगले महीने तक नेवी को दिया जाए...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.