नई दिल्ली, अप्रैल 20 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा समाधान योजनाओं को मंजूरी देने में हो रही अत्यधिक देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। शीर्ष अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए नई दिल्ली स्थित एनसीएलटी की प्रधान पीठ और भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) को समाधान योजनाओं के मंजूरी के लिए लंबित आवेदनों और देरी के कारणों पर विस्तृत आंकड़े पेश करने का निर्देश दिया है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ ने एवीजे हाइट्स अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन बनाम आईआईएफएल फाइनेंस लिमिटेड और अन्य के मामले में यह आदेश दिया है। यह मामला आईअईएफ के 85 करोड़ के दावे को 2020 में समाधान पेशेवर ने शुरू में खारिज कर दिया था, लेकिन बा...