गया, मई 2 -- हमारा व्यक्तित्व और पहचान ऐसी होनी चाहिए कि समाज में लोग हमें हमारे सेवा कार्यों से जानें। भारत विकास परिषद किसी अन्य संस्था से अपनी तुलना नहीं करती है। उक्त बातें शनिवार को शहर के सिजुआर भवन में भारत विकास परिषद के दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में आये परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने कहीं। उन्होनें कहा कि परिषद का उद्देश्य कार्यकर्ताओं में ऐसे संस्कार और सेवा भाव जागृत करना है कि वे गर्व से कह सकें कि यह सब उन्होंने भारत विकास परिषद से सीखा है। उन्होनें कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से हमारा लक्ष्य चुने हुए दायित्वधारियों के नेतृत्व विजन को स्पष्ट करना है।

कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए कार्यशाला जरूरी कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वरिष्ठ साम...