हमीरपुर, दिसम्बर 14 -- भरुआ सुमेरपुर। रामकथा की आखिरी दिन कथा व्यास महामंडलेश्वर आत्मानंद गिरि ने कहा कि संसार में विसर्जन बहुत कष्टदाई होता है। हम कुछ भी करें लेकिन जब विसर्जन होता है तो माहौल कष्ट मय हो जाता है। श्री गायत्री तपोभूमि में चल रही रामकथा के आखिरी दिन कथा व्यास ने रोचक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि समाज में आज भी राम और रावण मौजूद है, इनकी तुलना कर्मों से होती है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले संसार में समस्या संतों के साथ होती है। रामजन्म भूमि आंदोलन इसका गवाह है। 1990 के दशक में संतों को कारागार में डाला गया। आज संतों के उस त्याग का परिणाम है कि राम जन्मभूमि अयोध्या में विश्व का सबसे बड़ा राम मंदिर खड़ा हुआ है। कथा के आखिरी दिन पंडाल खचाखच भरा हुआ था। सोमवार को विशाल भंडारे के साथ इस दश दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन हो जाएगा।
हिंदी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.