नई दिल्ली, मार्च 26 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या को समाज पर एक गहरा कलंक बताते हुए कहा कि कानूनी कानूनी रोक के बावजूद, इस प्रथा के कारण हजारों महिलाओं की अस्वाभाविक मौतें हो रही है। शीर्ष अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पटना उच्च न्यायालय द्वारा आरोपी को दी गई जमानत को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और विजय बिश्नोई की पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि दहेज हत्या जैसे बेहद गंभीर अपराध में, उच्च न्यायालय को अपने विवेक का इस्तेमाल करते समय बहुत अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी। पीठ ने कहा है कि 'दहेज से जुड़ी मौतें वास्तव में एक गहरी शर्मिंदगी और एक बड़ी सामाजिक बुराई हैं, जो मानवाधिकारों और गरिमा का गंभीर उल्लंघन करती हैं। फैसले में कहा गया है कि कानूनी रोक के बावजूद, दहेज प्रथा के चलते हजारों म...
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