आगरा, जुलाई 6 -- हिंदी साहित्य के उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कहानियां समाज की दिशा और दशा तय करती हैं। इसलिए उनकी कहानियां आज के युग में भी सार्थक हैं। उत्तर प्रदेश लेखिका मंच की ओर से आगरा क्लब में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम में वक्ताओं ने मुंशी प्रेमचंद की कहानियों को समाज के लिए सार्थक बताया। प्रेमचंद की कहानियां कर्मभूमि, कफन, गोदान, नमक का दारोगा और ईदगाह पर साहित्यकारों की साहित्यिक सोच को नई ऊर्जा मिली। वक्ताओं का कहना था कि प्रेमचंद ने समाज के हर पहलू और हर वर्ग को छुआ है। ग्रामीण परिवेश की भावनाओं को मार्मिकता के साथ अपनी कहानियों और उपन्यासों में उतारा। कवयित्री नम्रता, ज्योति, करुणा, गीता शर्मा, सुजाता, मीनाक्षी ने अपनी रचनाएं सुनाईं। संस्था की दलजीत ग्रेवाल, शशि मल्होत्रा, प्रीति अस्थाना, रेखा निगम, गीता, यादवेंद्र, रजनी...