बहराइच, फरवरी 17 -- बहराइच, संवाददाता। शिक्षक मात्र वेतन भोगी नहीं बल्कि समाज का मार्गदर्शक भी है। वह न केवल बच्चों तथा सम्पूर्ण समाज को नई दिशा प्रदान करता है बल्कि बच्चों में छिपी प्रतिभा को पहचानना और उन्हें निखारना शिक्षकों का नैतिक दायित्व है। हम अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करके अपने समाजिक दायित्वों को निभा सकते हैं। फिर भी कुछ कमी रह गयी, जो गांव क्षेत्र में निजी स्कूल पनप रहे हैं। उसके लिए शिक्षक, प्रधान और ग्रामीण मिलकर जागुरुकता फैलायें। यह बातें मुख्य अतिथि सांसद डॉ.आनंद गौड़ ने ब्लाक संसाधन केंद्र रिसिया में आयोजित ब्लाक स्तरीय संगोष्ठी एवं उन्मुखीकरण कार्यशाला में कही। इसके पहले कार्यक्रम का शुभारम्भ मां शारदे की प्रतिमा समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। परिषदीय विद्यालय की बालिकाओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, लघ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.