बिहारशरीफ, मार्च 14 -- समाज को जोड़ने के बजाय अब बांटने का काम कर रहा आज का सिनेमा: ब्रह्मात्मज समाज को जोड़ने के बजाय अब बांटने का काम कर रहा आज का सिनेमा: ब्रह्मात्मज नालंदा साहित्य महोत्सव में सिनेमा के बदलते स्वरूप पर हुआ विमर्श फोटो: सिनेमा साहित्य: राजगीर के कन्वेंशन सेंटर में शनिवार को साहित्य महोत्सव में हिंदी सिनेमा के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते वरिष्ठ फिल्म आलोचक अजय ब्रह्मात्मज और लेखिका पद्मश्री भावना सोमाया। राजगीर, निज संवाददाता। साहित्य महोत्सव के 'बिफोर एंड आफ्टर धुरंधर' सत्र में हिंदी सिनेमा के बदलते स्वरूप पर चर्चा हुई। वरिष्ठ फिल्म आलोचक अजय ब्रह्मात्मज और प्रसिद्ध फिल्म पत्रकार व लेखिका पद्मश्री भावना सोमाया ने मौजूदा फिल्मों में बढ़ती हिंसा और समाज को बांटने वाली विषयवस्तु पर गंभीर सवाल खड़े किए। वक्ताओं ने 'धुरंधर' फ...