नई दिल्ली, जुलाई 7 -- आगरा में सामने आए उस हृदयविदारक मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया, जिसमें एक महिला पर अपने पति की हत्या कर शव को बाथरूम के फर्श के नीचे दफनाने का आरोप है। यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि हमारे समाज के बदलते मनोविज्ञान का गंभीर संकेत भी है। जिस घर को सुरक्षा, स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है, वही यदि भय और हिंसा का केंद्र बन जाए, तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। आज का समय अभूतपूर्व तकनीकी प्रगति, आर्थिक अवसरों और आधुनिक जीवनशैली का दौर है, लेकिन मानवीय संवेदनाएं और रिश्तों की गर्माहट भी लगातार कमजोर होती दिख रही हैं। पति-पत्नी का संबंध भारतीय संस्कृति में सबसे पवित्र और विश्वासपूर्ण माना गया है। यह रिश्ता केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और अनेक भावनाओं का संगम होता है। जब इस रिश...