दरभंगा, मई 20 -- दरभंगा। एलएनएमयू के पीजी समाजशास्त्र विभाग में नैतिकता और वर्तमान समाज विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कांत झा ने वर्तमान सामाजिक परिप्रेक्ष्य में नैतिक मूल्यों के महत्व को रेखांकित किया। विष्णुपुराण, मनुस्मृति, महाभारत एवं विदुरनीति आदि विभिन्न ऐतिहासिक और पौराणिक ग्रंथों के अंतर्गत वर्णित नैतिकता और समाज के संबंधों की विस्तृत व्याख्या की। विशिष्ट वक्ता डॉ. आरएन चौरसिया ने स्वयं से पहले समाज के प्रति समर्पण भाव को रखने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समाज में नैतिकता एक गहन संकट है, क्योंकि आधुनिक भाग-दौड़, भौतिकता, व्यक्तिवाद और शीघ्र लाभ की चाह के कारण नैतिकता में गिरावट आ रही है। बच्चों के लिए परिवार प्रथम पाठशाला होता है, जहां वे नैतिकता का पाठ सीखते हैं। अपने समाज के माहौ...