अलीगढ़, दिसम्बर 25 -- अलीगढ़, संवाददाता। क्रिसमस आते ही बच्चों की आंखों में सेंटा क्लॉज की छवि तैरने लगती है- तोहफे, मुस्कान और खुशियां। लेकिन अलीगढ़ में एक ऐसा नाम है, जो करीब दो दशक से बच्चों के जीवन में खुशियों की रोशनी भर रहा है। वात्सल्य सेवा संस्थान वास्तव में समाज के असली सेंटा क्लॉज की भूमिका निभा रहा है। संस्थापक आलोक वात्सल्य बताते हैं कि वर्ष 2004 से संस्था जरूरतमंद बच्चों के लिए सहारा बनी हुई है। संस्था हर साल 250 से 300 बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाती है। बच्चों की फीस, ड्रेस, कॉपी-किताबें जिससे गरीबी किसी बच्चे की शिक्षा की राह में दीवार न बन सके। कक्षा 1 से लेकर डिग्री कॉलेज तक विद्यार्थियों को निरंतर सहयोग दिया जाता है। क्रिसमस पर जहां सेंटा एक दिन में उपहार बांटता है, वहीं वात्सल्य सेवा संस्थान पूरे साल बच्चों के सपनों...
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