विकासनगर, अप्रैल 5 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को जीवनगढ़ स्थित एक निजी शिक्षण संस्थान में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रबुद्धजनों को संबोधित करते हुए आरएसएस के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संघ केवल एक संगठन भर नहीं है, बल्कि यह अनुभव और आत्मिक अनुभूति का विषय है। मुख्य वक्ता प्रांत सह कार्यवाह अनुज ने अपने संबोधन में 1925 की उन परिस्थितियों का जिक्र किया जब डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयदशमी के दिन संघ का बीज रोपा था। उन्होंने बताया कि संघ ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से समाज परिवर्तन का जो कार्य किया है, उसका परिणाम आज पूरे विश्व के सामने है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संघ का उद्देश्य समाज के भीतर एक ऐसी शक्ति खड़ी करना है जो राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर कार्य करे।

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