नई दिल्ली, अगस्त 5 -- सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि कोर्ट की सुनवाई के ऑडियो और वीडियो क्लिप को शेयर करने और अपलोड करने पर रोक लगाने वाले उसके हालिया अंतरिम आदेश का मतलब यह नहीं है कि समाचार संगठन अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग नहीं कर सकते। यह स्पष्टीकरण तब आया जब शीर्ष अदालत ने देखा कि उसके 24 जुलाई के अंतरिम आदेश को लेकर 'कुछ भ्रम बना हुआ है'। इस आदेश में कोर्ट प्रशासन की पूर्व अनुमति के बिना सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अदालती कार्यवाही की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग पोस्ट और अपलोड करने पर रोक लगाई गई थी।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह रोक न्यूज रिपोर्ट में अदालती कार्यवाही की ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग के इस्तेमाल तक ही सीमित है और इसे मीडिया संगठनों द्वारा रिपोर्टिंग पर पूरी तरह से रोक के तौर प...