भभुआ, अप्रैल 15 -- संत संजय ने दुबे के सरैयां में भागवत महिमा कथा के दौरान कही कवियों ने लेखनी के जरिये लोगों को जीवन जीने की कला सिखायी (पेज चार) चैनपुर, एक संवाददाता। जीवन में संतों का महत्व बहुत बड़ा है। जीवन में किसी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा हो तो संतो की शरण में चले जाओ काम बन जाएगा, पर हां जाने से पहले समर्पण एवं श्रद्धा को अपने भीतर जरूर झांक लो। क्योंकि बिना इसके संतो के दर्शन सुलभ नहीं होता। उक्त बातें बैरागी मठ के महात्मा संजय ने कही। वह दुबे के सरैयां गांव में भक्तों को भागवत महिमा कथा का श्रवण करा रहे थे। धनराज सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में आयोजित कथा सुनने काफी भक्त पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि तुलसीदास, रसखान, सूरदास, कबीर दास जैसे महापुरुषों ने समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया और अपनी लेखनी के माध्यम से लोगों को जी...
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