समस्याओं के समाधान बगैर रात्रि चैपाल से लौटे ग्रामीण
फतेहपुर, जून 19 -- बहुआ। विभागीय बेरूखी और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी में जन कल्याण रात्रि चैपाल बेअसर साबित हुई। शासन के दावों की हकीकत तो तब खुल गई जब दूर-दराज से फरियाद लेकर आए ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान तो दूर कोई सुनने वाला ही नही मिला। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी छाई रही। असोथर ब्लाॅक की कोर्रा कनक पंचायत में जन कल्याण रात्रि चैपाल मात्र कागजी कोरम बनकर रह गई। जहां पर गांव में संचालित अवैध मदरसे, धर्मांतरण, धर्म विरोधी कार्य का मुददा छाया रहा। वहीं गांव के संदीप सिंह ने विकास का मुद्दा उठाया तो बीडीओ से बहस हुई। चैपाल में विभागों द्वारा कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार के लिए स्टाॅल तक नहीं लगाए गए। जहां पर बीडीओ, ग्राम विकास अधिकारी और एनआरएलएम के जिम्मेदार ही मौजूद रहे। इसके अलावा अन्य विभागों के जिम्मेदार पूरी तरह से नदारद रहे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.