समस्याओं के समाधान के लिए शोध आवश्यक
गाजीपुर, मार्च 31 -- सैदपुर। नगर स्थित डायट में शोध और नवाचार प्रकोष्ठ के की ओर से दो दिवसीय क्रियात्मक शोध कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की डॉ. रूचि दुबे, केएन पीजी कॉलेज के डॉ. प्रतीक उपाध्याय और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के डॉ. कल्पनाथ सोनकर उपस्थित रहे। डॉ. प्रतीक उपाध्याय ने शोध की अवधारणा, उसके प्रकार और क्रियात्मक शोध की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में समस्याओं के समाधान के लिए शोध अत्यंत आवश्यक है। प्रथम दिवस के द्वितीय सत्र में डॉ. रूचि दुबे ने क्रियात्मक शोध को शिक्षा की गुणवत्ता सुधार का प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि यह शिक्षकों को कक्षा की समस्याओं को वैज्ञानिक तरीके से समझने और उनका समाधान खोजने में मदद करता है। उन्होंने राष्ट्...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.