मिर्जापुर, मार्च 16 -- मिर्जापुर। जंगी रोड के किनारे कॉलोनी बेहतर भविष्य की उम्मीद में बसाई गई थी। घर बने, सपने बसे और उम्मीदों को पंख लगे कि शहर की सुविधाएं भी जल्द उनके दरवाजे तक पहुंचेंगी। लेकिन वक्त गुजर गया और उम्मीदें हकीकत के ठोकरों से टकराने लगीं। कॉलोनी के लोग टूटी सड़कों, अंधेरी गलियों, पेयजल की कमी और सफाई के अभाव से जूझ रहे हैं। नशीले पदार्थों की बिक्री से माहौल असुरक्षित होता जा रहा है। सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद व्यवस्था की बेरूखी बनी हुई है। समय के साथ शहर का दायरा बढ़ा तो कई नई कॉलोनियां विकसित हुईं। उनमें एक है दयावन्तपुरम कॉलोनी। करीब पांच वर्ष पूर्व बसी कालोनी में देखते ही देखते सैकड़ों परिवारों का आशियाना बन गई पर सड़क, रोशनी, पानी और सफाई जैसी जरूरतें अब भी अधूरी हैं। रोजमर्रा की जिंदगी कई ...
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