खगडि़या, जून 5 -- खगड़िया। जितेन्द्र कुमार बबलू सहरसा-मानसी रेलखंड के बदलाघाट रेल पुल पर 6 जून 1981 को हुई रेल दुर्घटना को याद कर लोग आज भी सिहर जाते हैं। इस घटना में आंधी के झोंके ने पलभर में लगभग आठ सौ जिंदगियां ली ली। उस समय एशिया महादेश की यह दूसरी रेल दुर्घटना बतायी गई। बदलाघाट रेलवे स्टेशन से समस्तीपुर से बनमनखी जा रही खचाखच यात्रियों से भरी 416 डाउन पैसेंजर ट्रेन शाम के 4:12 बजे जब सहरसा के लिए खुली तो किसी को भी पता नहीं था कि महज चार मिनट में उसकी जिंदगी का सफर का ही अंत हो जाएगा। शादी-ब्याह का समय था। यह भी पढ़ें- समस्तीपुर से बनमनखी जा रही 416 डाउन पैसेंजर ट्रेन के सात डिब्बे का आज तक पता नहीं ट्रेन से कई लोग गाजे-बाजे के साथ बारात जा रहे थे। ट्रेन में बाजा बज रहा था। बारात में जा रहे यात्रियों में खुशी का माहौल था। इसी बीच हल्क...