मुरादाबाद, जून 4 -- कोठीवाल नगर स्थित गीता ज्ञान मंदिर में चल रही भक्तमाल कथा में कथा व्यास कविचंद्र दास ने नरसी भगत की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि गीता में स्वयं भगवान कृष्ण ने कहा है जो अनन्य भाव से मेरा भजन करता है उसका योगक्षेम मैं स्वयं करता है। योग का अर्थ है अप्रयाप्त वस्तुओं को प्राप्त कराना, और क्षेत्र का अर्थ है प्राप्त वस्तुओं की रक्षा करना। इस तथ्य का नरसी मेहता के जीवन में प्रत्यक्ष प्रमाण मिलता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यह भी पढ़ें- समर्पित भाव से करो भजन, स्वसं भगवान करेंगे योगक्षेम

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