सुल्तानपुर, अप्रैल 3 -- गोसाईगंज, संवाददाता। पांडेयपुर अठैसी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को अयोध्या के आचार्य विनोद पांडेय महाराज ने विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने भरत चरित्र का वर्णन करते हुए त्याग, भाईचारे और मर्यादा का महत्व बताया। जिन्होने राजगद्दी को ठुकराकर श्रीराम की खड़ाऊँ को सिंहासन पर स्थापित किया और स्वयं तपस्वी जीवन अपनाया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा प्रेम, समर्पण और धर्म पालन ही मनुष्य को महान बनाता है। सती चरित्र के माध्यम से नारी सम्मान, समर्पण और श्रद्धा की गहराई को समझाया। इसके साथ ही भगवान विष्णु के 12 अवतारों का विस्तार से वर्णन कर धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का संदेश दिया। मुख्य यजमान श्री देवी प्रसाद पाण्डेय एवं श्रीमती सुशीला देव...
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