समर्पण,तपस्या और मिलन का अद्भुत संगम है शिव विवाह
मुरादाबाद, मई 26 -- नया मुरादाबाद स्थित महाकालेश्वर धाम में चल रही राम चरित मानस कथा में साध्वी पुष्पा रामायणी ने शिव विवाह का गुणगान किया। उन्होंने बताया कि शिव विवाह का मुख्य भाव समर्पण, तपस्या और मिलन है। माता पार्वती पूर्व जन्म में सती हुई थीं। उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए हिमालय की गुफाओं में कठोर तपस्या की। शिव ने उनकी भक्ति की परीक्षा लेने के लिए सप्त ऋषियों को भेजा, मगर पार्वती अपने संकल्प पर अडिग रहीं। पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव विवाह को राजी हो गए। फिर विधि विधान से शिव पार्वती का विवाह हुआ। कथा में ओम संस परिवार के महेश चंद्र अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, प्रिया अग्रवाल, वीपी माहेश्वरी, विजय अग्रवाल, राजेश निझावन, आशीष गुप्ता आदि सहित काफी संख्या में लोग शामिल रहे।
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