लखनऊ, मई 11 -- केजीएमयू ने तय समय से (37 सप्ताह) पहले जन्मे बच्चों में मौत के जोखिमों का पता लगाने वाला एक स्कोर मॉडल तैयार किया है। इसका नाम नियोनेटल-सिक्वेंशियल ऑर्गन फेल्योर असेसमेंट (एन सोफा स्कोर) दिया है। ये 34 हफ्ते से पहले जन्म लेने वाले व सांस लेने की तकलीफ के नवजात में मौत के खतरे का अनुमान लगाने में मदद कर सकता है। इससे नवजात में जरूरी उपचार देकर मृत्यु दर को कम किया जा सकता है। केजीएमयू में 113 नवजात शिशुओं पर किये शोध में पाया कि आरंभ के छह घंटे में ज्यादा स्कोर वाले बच्चों की मौत हो गई। वहीं कम स्कोर वाले बच्चे सुरक्षित रहे। 24 घंटे बाद दोबारा के स्कोर में ज्यादा सटीक रिजल्ट मिला। शोध को इंडियन पीडियाट्रिक्स र्जनल ने मान्यता दी है। यह भी पढ़ें- जन्म के बाद करीब 15 फीसदी में होती सांस लेने से जुड़ी दिककतदिल, फेफड़ों व खून की ...
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