किशनगंज, अगस्त 6 -- किशनगंज। निज संवाददाता स्वास्थ्य व्यवस्था की सफलता केवल अस्पतालों की संख्या या आधुनिक उपकरणों से नहीं मापी जाती, बल्कि इस बात से तय होती है कि सबसे दूर बसे, सबसे कमजोर और सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा कितनी सहजता से पहुंचती है। जब किसी ग्रामीण परिवार का गंभीर रूप से बीमार बच्चा समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा संस्थान तक पहुंचता है, तभी स्वास्थ्य व्यवस्था का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। बिहार सरकार का स्वास्थ्य विभाग इसी सोच के साथ राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के माध्यम से बच्चों में गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक पहचान कर उन्हें समय पर उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। यह पहल केवल उपचार नहीं, बल्कि स्वास्थ्य समानता और सामाजिक न्याय की अवधारणा को भी मजबूत करती ...