पीलीभीत, अप्रैल 18 -- पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकों ने समय पर उपचार कर 13 वर्षीय बालिका को जानलेवा डिसेमिनेटेड क्षय रोग (टीबी) से राहत दिलाकर एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। बहु-अंगों को प्रभावित करने वाली इस गंभीर बीमारी में आईसीयू टीम ने सटीक निदान और समन्वित उपचार से बच्ची की हालत स्थिर कर दी। बालिका को लगातार पेट दर्द, बार-बार उल्टी और तेज सिरदर्द की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया था। विस्तृत जांच में रीढ़ की हड्डी में विकृति पाई गई, जिसे पॉट्स स्पाइन (रीढ़ का टीबी) के रूप में पहचाना गया। नेत्र परीक्षण में पैपिलेडेमा की पुष्टि हुई, जो मस्तिष्क में बढ़े हुए दबाव का संकेत है। यह भी पढ़ें- टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बच्चों को दी गई बचाव की जानकारी आगे की जांच में सीएसएफ विश्लेषण और जीनएक्सपर्ट के माध्यम से ...