समय पर इलाज न मिलने से पिता की मौत, मां ने घरों में काम कर पढ़ाया, बेटी ने क्रैक किया NEET
नई दिल्ली, जुलाई 18 -- गरीबी इंसान के जीवन का सबसे बड़ा बोझ होती है। यह अभिशाप तब बन जाती है, जब इलाज के लिए भी पैसे न हों और इसकी वजह से किसी अपने की जान चली जाए। जी हां, नीलू ने यह सब बेहद कम उम्र में ही देख लिया था। लखनऊ के गोमती नगर स्थित डिगडिगा गांव की रहने वाली नीलू जब 8वीं कक्षा में थीं, तभी उनके पिता का निधन हो गया। लेकिन अपने पिता को खोना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ बन जाएगा, ये उन्होंने नहीं सोचा था। पिता के निधन के वक्त उन्होंने डॉक्टर बनने का दृढ़ संकल्प लिया। उनका सपना हकीकत में तब बदल गया, जब उन्होंने नीट यूजी की परीक्षा को क्रैक किया। इस सफलता के पीछे उनकी मां का अहम योगदान रहा।पिता की मौत के बाद आर्थिक स्थिति हुई और भी खराब पिता की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई। लेकिन इस दुख ने उन्हें कमजोर नहीं किय...
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